Home समाचार सुप्रीम कोर्ट पहुंचा वामपंथी विचारकों की गिरफ्तारी का मामला, हैदराबाद में प्रोटेस्ट

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा वामपंथी विचारकों की गिरफ्तारी का मामला, हैदराबाद में प्रोटेस्ट

50
0
SHARE
The issue of the arrest of left-leaned thinkers reached the Supreme Court,
भीमा कोरेगांव हिंसा से जुड़े मामलों में मंगलवार को देश के कई हिस्सों में वामपंथी विचारकों की गिरफ्तारी और उनके ठिकानों पर छापेमारी से हंगामा मच गया. मंगलवार को जैसे ही छापेमारी की खबरें आईं विपक्ष ने सरकार पर हमला बोल दिया. आज गौतम नवलखा की कोर्ट में पेशी होनी है. इस मामले पर विभिन्न वामपंथी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने हैदराबाद में विरोध-प्रदर्शन भी किया. पुलिस की इस कार्रवाई की तमाम दलों ने भी निंदा की है. कांग्रेस-वामदलों समेत तमाम दलों ने इसे मोदी सरकार का तानाशाही एक्शन करार दिया है.


गौतम नवलखा से जुड़े मामले की सुनवाई से पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने पुणे पुलिस से एफआईआर की ट्रांसलेटड कॉपी मांगी है. कोर्ट में इस मामले की सुनवाई दोपहर 2 बजे होगी. अभी तक पुणे पुलिस के पास मराठी में ही एफआईआर की कॉपी थी, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें ट्रांसलेशन लाने को कहा. वहीं ये मामला अब सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच गया है, कुछ अन्य एक्टिविस्टों ने गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका डाली है, जिसकी सुनवाई दोपहर को ही होगी.

कल कोर्ट ने दिया था समय

दिल्ली उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया कि कथित गैरकानूनी गतिविधियों के लिये महाराष्ट्र पुलिस द्वारा गिरफ्तार नागरिक अधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा को राष्ट्रीय राजधानी से तब तक बाहर नहीं ले जाया जाए. कोर्ट का कहना था कि उनके खिलाफ लगाए गए कुछ आरोप स्पष्ट नहीं हैं.

The issue of the arrest of left-leaned thinkers reached the Supreme Court-2

कौन हुआ गिरफ्तार..

इस मामले में पुणे पुलिस की ओर से अब तक कुल 5 गिरफ्तारियां की गई हैं. दिल्ली, हरियाणा और हैदराबाद से 1-1 गिरफ्तारी की गई, जबकि मुंबई से 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया. सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा, वरवरा राव, सुधा भारद्वाज, अरुण फरेरिया और वरनोन गोंजालवेस गिरफ्तार किए गए लोगों में शामिल हैं. ये छापेमारी महाराष्ट्र, गोवा, तेलंगाना, दिल्ली और झारखंड में की गई. पुणे पुलिस ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर छापेमारी की.

राहुल ने बोला हमला

वामपंथी विचारकों के घरों पर छापेमारी और गिरफ्तारी की वाम दलों और कांग्रेस ने निंदा की है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि भारत में केवल एक एनजीओ के लिए जगह है, जिसका नाम आरएसएस है. बाकी सारे एनजीओ को ताला लगा दो. सारे एक्टिविस्टों को जेल में डाल दो और जो इसके खिलाफ आवाज उठाते हैं उन्हें गोली मार दो. नए भारत में आपका स्वागत है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here