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आखिर क्यों अमेठी के साथ-साथ केरल की वायनाड सीट से चुनाव लड़ने गए राहुल गांधी, जानें आंकड़ों का गेम

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लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी की उम्मीदवारी को लेकर तस्वीर स्पष्ट हो गई है. कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर ऐलान कर दिया है कि पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी दो सीटों से चुनाव लड़ेंगे.

लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की उम्मीदवारी को लेकर तस्वीर स्पष्ट हो गई है. कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर ऐलान कर दिया है कि पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी दो सीटों से चुनाव लड़ेंगे. राहुल गांधी पहले से तय परंपरागत सीट अमेठी से चुनाव तो लड़ेंगे ही, मगर इस बार दक्षिण भारत को साधने के उद्देश्य से कांग्रेस लिए मजबूत किले के रूप में मशहूर वायनाड (Wayanad Lok Sabha Seat) से भी चुनाव लड़ेंगे. बता दें कि केरल का वायनाड कांग्रेस (Congress) का मजबूत गढ़ रहा है. इस तरह से अमेठी के बाद राहुल गांधी ने जो दूसरी सीट अपने लिए चुनी है, वह भी पार्टी के लिए काफी मजबूत है और कांग्रेस उम्मीद कर रही है कि राहुल गांधी दोनों जगहों से विजयी पताका लहराएंगे.

केरल के वायनाड सीट पर कांग्रेस का काफी दबदबा रहा है. कांग्रेस नेता एमआई शनवास पिछले दो बार से चुनाव जीत चुके हैं और यहां बीजेपी रेस में भी नहीं रही है. 2014 में एमआई शनवास ने सीपीआई को हराकर इस सीट पर पहली बार जीत दर्ज की थी. इतना ही नहीं, 2009 में भी एमआई शनवास ने सीपीआई के एम रहमतुल्लाह को हराया था. बता दें कि यह सीट 2008 में परिसीमन के बाद सियासी अस्तित्व में आई थी. यह सीट कन्नूर, मलाप्पुरम और वायनाड संसदीय क्षेत्रों को मिलाकर बनी है. बता दें कि कुछ समय पहले से ही यह मांग उठ रही थी कि राहुल गांधी वायनाड से भी चुनाव लड़ें.
वायनाड में पिछले चुनाव के वोट शेयर देखें तो कांग्रेस को 41.21 फीसदी मिले थे, वहीं बीजेपी को करीब 9 फीसदी और सीपीआई को करीब 39 फीसदी वोट मिले थे. इस तरह से देखा जाए तो वायनाड सीट पर अब तक दो बार लोकसभा चुनाव हुए हैं और दोनों बार कांग्रेस पार्टी ने ही बाजी मारी है. वोट शेयर भी अगर बीजेपी की देखें तो वह कांग्रेस के लिए चिंता की बात नहीं है. हालांकि, सीपीआई कड़ा मुकाबला देगी, मगर बीते कुछ समय से केरल में वाम सरकार से भी लोगों का मोह भंग होता दिख रहा है.
सूत्रों की मानें तो वायनाड सीट से चुनाव लड़ने का फैसला राहुल गांधी और पार्टी ने दक्षिण भारत में कांग्रेस की स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से लिया है. कांग्रेस वायनाड सीट के जरिए केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में पार्टी को मजबूत करना चाहती है. हालांकि, कुछ राजनीतिक विश्लेषक यह भी बता रहे हैं कि अमेठी में हार की आशंका को देखते हुए राहुल गांधी ने सबसे सुरक्षित सीट वायनाड से भी चुनाव लड़ने का फैसला लिया है.
दरअसल, राहुल गांधी इससे पहले सिर्फ अमेठी से ही चुनाव लड़ते रहे हैं. राहुल गांधी लगातार तीन बार से उत्तर प्रदेश के अमेठी लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं. ऐसी खबरें हैं कि अमेठी से स्मृति ईरानी राहुल गांधी को टक्कर दे रही हैं और इसके अलावा मेनका गांधी के सुल्तानपुर से चुनाव लड़ने के बाद से अमेठी में भी उसका असर पड़ सकता है, इसे देखते हुए ही राहुल गांधी ने दो जगह से चुनाव लड़ने की रणनीति अपनाई है.
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