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केरल में भारी बारिश के बाद बाढ़ की तबाही, इडुक्की बांध के पांचों गेट खुले : 10 बातें

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Kerala rains
तिरुवनंतपुरम: केरल में भारी बारिश के बाद बाढ़ ने भयंकर तबाही मचाई है. बाढ़ के ख़तरे से बचने के लिए 22 बांधों को खोला गया है. हालात का अंदाज़ा इससे लगाया जा सकता है कि एशिया के सबसे बड़े इडुक्की बांध के दरवाज़े 26 साल के बाद खोलने की नौबत आई है. कहा जा रहा है कि 45 साल पुराने इडुक्की बांध में इतना पानी कभी नहीं भरा. इडुक्की बांध के पांचों गेट खोल दिए गए हैं. जगह-जगह लैंडस्लाइड की वजह से 26 लोगों की मौत हुई है. कई लोग लापता हैं. कन्नूर, इडुक्की, कोझिकोड, वायनाड, मल्लपुरम सबसे प्रभावित इलाक़े हैं. एर्नाकुलम, अलप्पुझा और पलक्कड़ ज़िले भी प्रभावित हैं. कई इलाक़ों में रेड अलर्ट जारी किया गया है.

केरल में बाढ़ की स्थिति से जुड़े महत्‍वपूर्ण अपडेट्स्

बारिश से बदहाल केरल में इडुक्की जलाशय से और अधिक पानी छोड़ने की संभावना के मद्देनजर इडुक्की और उसके नजदीकी जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है. कई स्थानों पर सड़कों के धंसने के बाद जिले में पर्यटकों के प्रवेश को भी रोक दिया गया है. राज्य के उत्तरी जिलों में गुरुवार रात से सेना के पांच कॉलम की तैनाती की गई है.


कोझिकोड और वायनाड़ में कई स्थानों पर फंसे लोगों को निकालने के लिए कई छोटे पुलों का निर्माण किया गया है.

पेरियार नदी में पानी के बढ़ते स्तर और कोच्चि के बैकवॉटर्स से घिरे वेलिंगडन द्वीप के हिस्सों के डूब में आने की आशंका को देखते हुए भारतीय नौसेना ने दक्षिण नौसेना कमान को अलर्ट पर रखा है.


केरल में दक्षिण-पश्चिमी मॉनसून के कारण भारी बारिश हो रही है जिसके बाद आठ अगस्त से भूस्खलन और बाढ़ के कारण 26 लोगों की जान जा चुकी है.
इडुक्की जिला प्रशासन ने पहाड़ी क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगा दी है, इसके अलावा भारी माल वाहनों को भी रोक दिया है. राज्य के पर्यटन मंत्री कडकमपल्ली सुरेंद्रन ने बताया कि बुधवार से मुन्नार के जूडी रिसॉर्ट में फंसे 30 पर्यटकों को बचाया गया. वे सुरक्षित हैं.


जलस्तर बढ़ने के कारण राज्य के 24 बांधों के गेट खोल दिए गए हैं. इडुक्की जलाशय के तीन शटर पहले ही खोले जा चुके थे. जलाशय के हिस्से चेरूथोनी बांध के दो और शटर शुक्रवार सुबह खोले गए. एक शटर तो, 26 वर्ष बाद गुरुवर को खोला गया.
शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने बाढ़ के हालात का जायजा लिया. सेना, नौसेना, वायुसेना, तटरक्षक बल और एनडीआरएफ राहत कार्य में जुटे हैं. उन्होंने कहा कि बढ़ते जल स्तर को देखते हुए, जितना पानी छोड़ा जा रहा है, उससे तीन गुना अधिक पानी छोड़ने की जरूरत है.


मुख्यमंत्री ने 12 अगस्त तक अपने सभी सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं. वह राज्य की राजधानी से हालात पर नजर रखेंगे.
केंद्रीय मंत्री अल्फोंस कन्नामथानम ने कहा कि उन्होंने सुबह गृह मंत्री राजनाथ सिंह से केरल में बाढ़ के हालात पर बात की.


राहत एवं बचाव कार्य देख रहे डीएससी सेंटर के कमांडेंट कर्नल अजय शर्मा ने बताया कि गुरुवार रात से उत्तरी जिलों में सेना के पांच कॉलम की तैनाती की गई है. गुरुवार को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के मुख्यमंत्री से बात की थी और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया था.

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