Home उत्तर प्रदेश बाइक में चार पहिया ने मारी टक्कर, एक छात्र की मौत

बाइक में चार पहिया ने मारी टक्कर, एक छात्र की मौत

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Four wheels hit a bike, a student dies

देवरिया

बाइक से शहर के एक इंटर कॉलेज में पढ़ने आ रहे छात्रों की बाइक को चार पहिया वाहन ने अंवरा चौरी चौराहे पर चपेट में ले लिया। गंभीरावस्था में आसपास के लोगों ने दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां चिकित्सकों ने एक छात्र को मृत घोषित कर दिया। दूसरे का उपचार चल रहा है। सूचना मिलने के बाद परिवार के लोग पहुंचे और दहाड़ मारकर रोने लगे। गौरीबाजार के बरारी प्रथम के रामाज्ञा प्रसाद का बेटा पंकज (18) और विद्यासागर मणि का बेटा भोलू (18) शुक्रवार की सुबह बाइक से देवरिया एसएसबीएल इंटर कॉलेज में पढ़ने आ रहे थे। अभी दोनों सदर कोतवाली इलाके के अंवरा चौरी चौराहे के पास पहुंचे थे कि पीछे से आ रहे वाहन ने बाइक में टक्कर मार दी। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोगों ने दोनों को जिला अस्पताल पहुंचवाया। यहां चिकित्सकों ने पंकज को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने परिवारवालों को घटना की जानकारी दी तो परिवार के लोग यहां पहुंचे। सभी दहाड़ मारकर रोने लगे। पुलिस का कहना है कि मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। चार पहिया वाहन का पता लगाया जाएगा।

स्कूल से घर जा रही छात्रा को टैंकर ने रौंदा, छात्रा की घटना स्थल पर ही मौत

प्रतापपुर

बनकटा थाना के रतसिया-प्रतापपुर मार्ग पर ग्राम दरगह चक के सामने शुक्रवार की शाम चार बजे पेट्रोल से भरे टैंकर की चपेट में आने से स्कूल से घर जा रही 11वीं की छात्रा की घटना स्थल पर मौत हो गई। टैंकर का चालक फरार हो गया। गांव वालों की सूचना पर पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया।



रामपुर प्रतापपुर निवासी राकेश प्रसाद की पुत्री रीमा भारती पास के बब्बन सिंह इंटर कॉलेज रतसिया में 11वीं कक्षा की छात्रा थी। वह कॉलेज से सायं चार बजे साइकिल से घर जा रही थी। ग्राम दगहचक के सामने पीछे से आ रहे तेल से भरे टैंकर ने उसे रौंद दिया। चालक टैंकर छोड़कर फरार हो गया। गांव वालों टैंकर को कब्जे में लेकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव तथा टैंकर को कब्जे में ले लिया।

छात्रा के परिवार में मचा कोहराम

भाटपाररानी। छात्रा रीमा माता-पिता की तीसरी संतान तथा इकलौती पुत्री थी। वह पढ़ने में तेज थी। वह कॉमर्स की छात्रा थी। उसके मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहरातम मच गया। माता सुभावती देवी घर पर अकेली थी। पति और उसका बड़ा बेटा सोनू बाहर प्राइवेट फैक्ट्री में काम करते हैं। छोटा बेटा गोलू तथा इकलौती पुत्री रीमा के साथ वह घर पर रहती हैं।

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