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हिंदू मुस्लिम को एक सूत्र में जोड़ने का यह नायाब तरीका, जानिए क्या किया देवरिया वालों ने

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आल इंडिया मुशायरा का एक दिवसीय प्रोग्राम सम्पन्न

देवरिया। रामपुर कारखाना के मुगलपुरा गांव में एक दिवसीय आल इंडिया मुशायरा का प्रोग्राम हिन्दू-मुस्लिम के बीच आयोजित हुआ। जिसके के मुख्य अतिथि सपा के पूर्व मंत्री ब्रम्हाशंकर त्रिपाठी व विशिष्ट अतिथि भाजपा के क्षेत्रीय विधायक कमलेश शुक्ला ने दीप जलाकर मुशायरे का आगाज किया। फिर कमेटी ने सभी को बैच लगाकर साल से सम्मानित किया। इस दौरान कार्यक्रम की अध्यक्षता नसीम अहमद सिद्दीकी ने किया संचालन एटा से आये नदीम फार्रुख ने करते हुए कहा “कि हवेली झोपड़ी सबका मुकद्दर फूट जायेगा, अगर ये साथ हिन्दू-मुस्लिमों का छूट जाएगा, दुआ कीजिये के हममें ये प्यार के रिश्ते रहें कायम, ये रिश्ते टूट जाएंगे तो भारत टूट जाएगा।

इसके बाद मुशायरे के आगाज में हजारों की भीड़ के बीच शमां बांधने आये शायर *जीशान चमन* का शायराना लफ्ज़ “जो दुश्मन हैं हमारे मुल्क के, वो गौर से सुन लें तिरंगे के सिवा कोई झंडा नहीं हो होगा हमारे मुल्क का”
दूसरे लब्ज में “हम वफाओं को मुंह से नहीं मोड़ेंगे, दफन हो जाएंगे इसी मिट्टी में जान देकर भी हम मुल्क नहीं छोड़ेंगे” लखीमपुर खीरी से आये शायर *रफीक गड़बड़* के लब्जों से “हर मुश्किल आसान बना दे या मौला, और जीने का सामान बना दे या मौला, हिन्दू-मुस्लिम एक साथ हों, ऐसा हिन्दुतान बना दे या मौला”


इलाहाबाद से आयीं शायरा *हिना अंजुम* के लब्जों से “तुझको निगाहें नाज़ में जब से बसा लिया, रातों को जागने का मजा हमने पाया लिया”
जलालपुर से आईं शायरा *चांदनी शबनम* ने अपने सुहाने लब्जों से कहाकि “तू अपने मोबाइल में नंबर तो मेरा ले ले, मिसकॉल करके तुझे दीवाना बना दूंगी, इतना कहते ही शबनम के लब्ज शर्म से रुक गये फिर क्या कहेना सर्द में जमें सभी मुशायरेबाज थिरकने लगे, इसके बाद शबनम ने दूसरे लब्ज दागे कि “मैखाने में जाने की तुमको जरूरत क्या है,
मैं हूँ मेरी आँखें हैं, जब कहेना जाम पिला दूंगी। इस पर पूरी महेफिल जैसे जम गई।

ऐसे ही मुल्क के कई जगहों जैसे देहली से *अनवर कमाल व दर्द देहली* महाराष्ट्र से *फारुख जिया* सीतापुर से *जुबैर बिस्वानी* गोला से *फैसल हबीब* देवरिया से *हसन आदिल* बलरामपुर से *रुखसार बलरामपुरी* कानपुर से *शबीना आदिब* मालेगांव से *मुजावर मालेजावी* व जौनपुर से *नासिर हुसैन* ने महेफिल में गंगा जमुना तहजीब के शमां बांधे। कार्यक्रम के व्यवस्थापक बदरूज्ज्मा रहे जिनकी लोगों ने प्रसंसा की कमेटी के अध्यक्ष राशिद खान ने सभी मेहमानों का इस्तेकबाल किया जहां तमाम लोग उपस्थित रहे।

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